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योहन १७:१५-१८

योहन १७:१५-१८

१५
मैं आपसे यह विनती नहीं करता कि आप उन्हें संसार में से उठा लें परंतु यह कि आप उन्हें उस दुष्ट से बचाए रखें.
१६
वे संसार के नहीं हैं, जिस प्रकार मैं भी संसार का नहीं हूं.
१७
उन्हें सच्चाई में अपने लिए अलग कीजिए—आपका वचन सत्य है.
१८
जैसे आपने मुझे संसार में भेजा था, मैंने भी उन्हें संसार में भेजा.
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