योहन १:४-९
४
जीवन उन्हीं में था और वह जीवन मानव जाति की ज्योति था.
५
वह ज्योति अंधकार में चमकती रही. अंधकार उस पर प्रबल न हो सका.
६
परमेश्वर ने योहन नामक एक व्यक्ति को भेजा
७
कि वह ज्योति को देखें और उसके गवाह बनें कि लोग उनके माध्यम से ज्योति में विश्वास करें.
८
वह स्वयं ज्योति नहीं थे किंतु ज्योति की गवाही देने आए थे.
९
वह सच्ची ज्योति, जो हर एक व्यक्ति को प्रकाशित करती है, संसार में आने पर थी.
Settings