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अय्योब २५:१

बिलदद का अन्तिम संक्षिप्त भाषण

अय्योब २५:१
आसपास के संदर्भ के साथ पद दिखाया जा रहा है।
तब बिलदद ने, जो शूही था, अपना मत देना प्रारंभ किया:
“प्रभुत्व एवं अतिशय सम्मान के अधिकारी परमेश्वर ही हैं; वही सर्वोच्च स्वर्ग में व्यवस्था की स्थापना करते हैं.
क्या परमेश्वर की सेना गण्य है? कौन है, जो उनके प्रकाश से अछूता रह सका है?
तब क्या मनुष्य परमेश्वर के सामने युक्त प्रमाणित हो सकता है? अथवा नारी से जन्मे किसी को भी शुद्ध कहा जा सकता है?
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