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यशायाह ११:१-५

यिशै की वंशावली से धर्मी शासक

यशायाह ११:१-५
यिशै के जड़ से एक कोंपल निकलेगी; और एक डाली फलवंत होगी.
याहवेह का आत्मा, बुद्धि और समझ का आत्मा, युक्ति और सामर्थ्य का आत्मा, ज्ञान और समझ की आत्मा—
उनकी खुशी याहवेह के प्रति ज्यादा होगी. वे मुंह देखकर न्याय नहीं करेंगे, न सुनकर करेंगे;
वे तो कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का न्याय सच्चाई से करेंगे. वे अपने मुंह के शब्द से पृथ्वी पर हमला करेंगे; और अपनी फूंक से दुष्टों का नाश कर देंगे.
धर्म उनका कटिबंध और सच्चाई उनकी कमर होगी.
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