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उत्पत्ति २४:६२-६४

उत्पत्ति २४:६२-६४

६२
यित्सहाक बएर-लहाई-रोई से आकर अब नेगेव में निवास कर रहे थे.
६३
एक शाम जब वे चिंतन करने मैदान में गये थे, तब उन्होंने ऊंटों को आते हुए देखा.
६४
रेबेकाह ने भी आंख उठाकर यित्सहाक को देखा और वह अपने ऊंट पर से नीचे उतरी
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