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यहेजकेल ३८:८-१३

आक्रमण का समय और उद्देश्य

यहेजकेल ३८:८-१३
८
बहुत दिनों के बाद तुम्हें बुलाया जाएगा. आनेवाले सालों में तुम एक देश पर आक्रमण करोगे, जो युद्ध के मार से उभर चुका होगा, जिसके लोग बहुत सी जनताओं से आकर इस्राएल के उन पर्वतों पर इकट्‍ठे हुए होंगे, जो बहुत समय से उजाड़ पड़ा था. उन्हें बहुत सी जातियों से बाहर लाया गया था, और अब वे सब सुरक्षा में निवास करते हैं.
९
तुम और तुम्हारी सारी सेना और तुम्हारे साथ बहुत सी जनता आंधी की तरह आगे बढ़ती हुई आगे जाएगी; तुम उस बादल की तरह होंगे, जो देश के ऊपर छा जाता है.
१०
“ ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: उस दिन तुम्हारे मन में विचार उठेंगे और तुम एक बुरी युक्ति करोगे.
११
तुम कहोगे, “मैं बिना दीवार वाले गांवों के एक देश पर आक्रमण करूंगा; मैं उन पर आक्रमण करूंगा, जो शांतिपूर्वक और निडर रहते हैं—उनमें से सब बिना किसी दीवार और बिना द्वार और बल्लियों के निवास कर रहे हैं.
१२
मैं उन्हें लूटूंगा और उनसे छीन लूंगा और मेरा हाथ फिर से बनाये गए खंडहरों और विभिन्‍न जातियों से इकट्‍ठे हुए उन लोगों के विरुद्ध उठेगा, जिनके पास बहुत सारे पशु और संपत्ति है और जो देश के बीच में रहते हैं.”
१३
शीबा और देदान के लोग और तरशीश के व्यापारी और इसके सब गांव तुमसे कहेंगे, “क्या तुम लूटने आये हो? क्या तुमने अपने उपद्रवी झुंड को लूटने, सोना और चांदी ले जाने, पशुओं तथा संपत्ति को ले जाने और लूट के सामान पर कब्जा करने के लिये इकट्ठा किया है?” ’

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