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उद्बोधक ३:१-१०

उद्बोधक ३:१-१०

हर एक काम के लिए एक तय समय है, और धरती पर हर एक काम करने का एक समय होता है:
जन्म का समय और मृत्यु का समय; बोने का समय और बोए हुए को उखाड़ने का समय.
मार डालने का समय और स्वस्थ करने का समय; गिराने का समय और बनाने का समय;
रोने का समय और हंसने का समय; शोक करने का समय और नाचने का समय.
पत्थर फेंकने का समय और पत्थर इकट्ठा करने का समय; गले लगाने का समय और गले न लगाने का समय.
खोजने का समय और छोड़ देने का समय; बचाकर रखने का समय और फेंक देने का समय.
फाड़ने का समय और सीने का समय; चुप रहने का समय और बोलने का समय.
प्रेम का समय और नफरत का समय; युद्ध का समय और शांति का समय.
मेहनत करनेवाले को उससे क्या लाभ जिसके लिए वह मेहनत करता है?
१०
मनुष्य को व्यस्त रखने के लिए परमेश्वर द्वारा ठहराए गए कामों का अनुभव मैंने किया है.
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