उद्बोधक ३:१-८
१
हर एक काम के लिए एक तय समय है, और धरती पर हर एक काम करने का एक समय होता है:
२
जन्म का समय और मृत्यु का समय; बोने का समय और बोए हुए को उखाड़ने का समय.
३
मार डालने का समय और स्वस्थ करने का समय; गिराने का समय और बनाने का समय;
४
रोने का समय और हंसने का समय; शोक करने का समय और नाचने का समय.
५
पत्थर फेंकने का समय और पत्थर इकट्ठा करने का समय; गले लगाने का समय और गले न लगाने का समय.
६
खोजने का समय और छोड़ देने का समय; बचाकर रखने का समय और फेंक देने का समय.
७
फाड़ने का समय और सीने का समय; चुप रहने का समय और बोलने का समय.
८
प्रेम का समय और नफरत का समय; युद्ध का समय और शांति का समय.
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