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कोलोस्सॉय ३:५-८

कोलोस्सॉय ३:५-८

५
इसलिये अपनी पृथ्वी की देह के अंगों को—वेश्यागामी, अशुद्धता, दुष्कामना, लालसा तथा लोभ को, जो वास्तव में मूर्ति पूजा ही है—मार दो
६
क्योंकि इन्हीं के कारण परमेश्वर का क्रोध भड़क उठता है.
७
एक समय तुम्हारा जीवन भी इन्हीं में लीन था.
८
किंतु अब तुम सभी क्रोध, रोष, बैरभाव, निंदा तथा गंदी भाषा का भी त्याग कर दो.
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