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1 इतिहास ४:३८-४३

शिमोन का विस्तार और विजय

1 इतिहास ४:३८-४३
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ये सभी अपने-अपने गोत्रों के प्रधान थे. इनके पिता का वंश बहुत ही बढ़ता चला गया,
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उन्होंने घाटी की पूर्वी दिशा की ओर, गेदोर के फाटक की ओर बढ़ना शुरू किया, कि उन्हें अपने भेड़-बकरियों के लिए चरागाह मिल जाए.
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यहां उन्हें उत्तम और उपजाऊ चरागाह मिल गया, भूभाग भी बहुत ही फैला हुआ था. यहां शांति थी, चैन था क्योंकि इसके पहले यहां के निवासी हाम के वंश थे.
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ये, जिनके नाम यहां लिखे हैं, यहूदिया के राजा हिज़किय्याह के शासनकाल में आए, उन्होंने वहां के मिऊनियों को और उनके शिविरों को नष्ट कर दिया. वे उनके स्थान पर वहां रहने लगे, क्योंकि यहां उनके पशुओं के लिए चरागाह था.
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शिमओन के पुत्रों में से पांच सौ पुरुष वहां से सेईर पर्वत को गए. इशी के पुत्र, पेलातियाह, नेअरियाह, रेफ़ाइयाह और उज्ज़िएल उनके प्रधान थे.
४३
उन्होंने अमालेकियों के भाग को, जो जीवित बचकर यहां आए हुए थे, नष्ट कर दिया, जो अब तक वहां रहते आ रहे थे.
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