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Punishments के बारे में बाइबल के वचन: Power of inflicting, given to magistrates

2 वचन · 47 पहलू

Power of inflicting, given to magistrates पर वचन

  1. क्योंकि कामुकता घृण्य है, और एक दंडनीय पाप.

  2. क्योंकि अधिकारी तुम्हारे ही हित में परमेश्वर का सेवक है किंतु यदि तुम वह करते हो, जो बुरा है तो डरो क्योंकि उसके हाथ में तलवार व्यर्थ नहीं है. वह अधिकारी परमेश्वर द्वारा चुना हुआ सेवक है—कुकर्मियों के दंड के लिए प्रतिशोधी.