Punishments के बारे में बाइबल के वचन: Power of inflicting, given to magistrates
Power of inflicting, given to magistrates पर वचन
क्योंकि कामुकता घृण्य है, और एक दंडनीय पाप.
क्योंकि अधिकारी तुम्हारे ही हित में परमेश्वर का सेवक है किंतु यदि तुम वह करते हो, जो बुरा है तो डरो क्योंकि उसके हाथ में तलवार व्यर्थ नहीं है. वह अधिकारी परमेश्वर द्वारा चुना हुआ सेवक है—कुकर्मियों के दंड के लिए प्रतिशोधी.