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Pilgrims and Strangers के बारे में बाइबल के वचन: Are exposed to persecution

4 वचन · 35 पहलू

Are exposed to persecution पर वचन

  1. धिक्कार है मुझ पर, जो मैं मेशेख देश में जा निवास करूं, जो मैं केदार देश के मण्डपों में जा रहूं!

  2. बहुत समय मैंने उनके साथ व्यतीत की है, जिन्हें शांति से घृणा हैं.

  3. मैं खड़ा शांति प्रिय पुरुष; किंतु जब मैं कुछ कहता हूं, वे युद्ध पर उतारू हो जाते हैं.

  4. मैंने उनको आपका वचन दिया है. संसार ने उनसे घृणा की है क्योंकि वे संसार के नहीं हैं, जिस प्रकार मैं भी संसार का नहीं हूं.