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स्तोत्र ४७

सार्वभौमिक उपासना का आह्वान १–४

१
संगीत निर्देशक के लिये. कोराह के पुत्रों की रचना. एक स्तोत्र. समस्त राष्ट्रो, तालियां बजाओ; हर्षोल्लास में परमेश्वर का जय जयकार करो.
२
याहवेह, सर्वोच्च परमेश्वर भय-योग्य हैं, वही समस्त पृथ्वी के ऊपर पराक्रमी राजा हैं.
३
उन्हीं ने जनताओं को हमारे अधीन कर दिया है, लोग हमारे पैरों के नीचे हो गए हैं.
४
उन्हीं ने हमारे लिए निज भाग को निर्धारित किया है, यही याकोब का गौरव है, जो उनका प्रिय है.

परमेश्वर का विजयी आरोहण ५–७

५
जय जयकार की ध्वनि के मध्य से परमेश्वर ऊपर उठाए गए, तुरही नाद के मध्य याहवेह ऊपर उठाए गए.
६
स्तुति गान में परमेश्वर की वंदना करो, वंदना करो; स्तुति गान में हमारे राजाधिराज की वंदना करो, वंदना करो.
७
परमेश्वर संपूर्ण पृथ्वी के राजाधिराज हैं; उनके सम्मान में एक स्तवन गीत प्रस्तुत करो.

याहवेह सब जातियों पर राज्य करता है ८–९

८
संपूर्ण राष्ट्रों पर परमेश्वर का शासन है; परमेश्वर अपने महान सिंहासन पर विराजमान हैं.
९
अब्राहाम के परमेश्वर की प्रजा के रूप में जनताओं के अध्यक्ष एकत्र हुए हैं, क्योंकि पृथ्वी की ढालों पर परमेश्वर का अधिकार है; परमेश्वर अत्यंत ऊंचे हैं.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.