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रोमियों १६:३-५

रोमियों १६:३-५

मसीह येशु में मेरे सहसेवकों प्रिस्का तथा अकुलॉस को मेरा नमस्कार.
उन्होंने मेरे हित में अपने प्राण जोख़िम में डाले थे. न केवल मैं परंतु गैर-यहूदियों की सभी कलीसियाएं उनकी ऋणी हैं.
उस कलीसिया को नमस्कार, जो उनके घर में इकट्ठा होती है. मेरे प्रिय मित्र ईपाएनेतॉस को नमस्कार. आसिया प्रदेश में उसी ने सबसे पहले मसीह को स्वीकार किया था.
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