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स्तोत्र ९७:१-६

प्रभु प्रताप के साथ राज्य करता है

स्तोत्र ९७:१-६
यह याहवेह का शासन है, पृथ्वी उल्‍लसित हो; दूर के तटवर्ती क्षेत्र आनंद मनाएं.
प्रभु के आस-पास मेघ और गहन अंधकार छाया हुआ है; उनके सिंहासन का आधार धार्मिकता और सच्चाई है.
जब वह आगे बढ़ते हैं, अग्नि उनके आगे-आगे बढ़ते हुए उनके समस्त शत्रुओं को भस्म करती जाती है.
उनकी बिजलियां समस्त विश्व को प्रकाशित कर देती हैं; यह देख पृथ्वी कांप उठती है.
याहवेह की उपस्थिति में पर्वत मोम समान पिघल जाते हैं, उनके सामने, जो समस्त पृथ्वी के अधिकारी हैं.
आकाशमंडल उनके सत्य की घोषणा करती है, समस्त मनुष्य उनके तेज के दर्शक हैं.
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