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स्तोत्र ८७:१-३

स्तोत्र ८७:१-३

कोराह के पुत्रों की रचना. एक स्तोत्र. एक गीत. पवित्र पर्वत पर उन्होंने अपनी नींव डाली है;
याकोब के समस्त आवासों की अपेक्षा, याहवेह को ज़ियोन के द्वार कहीं अधिक प्रिय हैं.
परमेश्वर के नगर, तुम्हारे विषय में यशस्वी बातें लिखी गई हैं,
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