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स्तोत्र ८०:८-११

स्तोत्र ८०:८-११

मिस्र देश से आप एक द्राक्षालता ले आए; आपने जनताओं को काटकर इसे वहां रोप दिया.
आपने इसके लिए भूमि तैयार की, इस लता ने जड़ पकड़ी और इसने समस्त भूमि आच्छादित कर दी.
१०
इसकी छाया ने तथा मजबूत देवदार की शाखाओं ने, पर्वतों को ढंक लिया था.
११
वह अपनी शाखाएं समुद्र तक, तथा किशलय नदी तक फैली हुई थी.
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