Skip to content
स्तोत्र ४९:६-७

स्तोत्र ४९:६-७

६
हां, वे जिनका भरोसा उनकी संपत्ति पर है, तथा जिन्हें अपनी सम्पन्‍नता का गर्व है?
७
कोई भी मनुष्य किसी अन्य मनुष्य के प्राणों का उद्धार नहीं कर सकता, और न ही वह परमेश्वर को किसी के प्राणों के लिए छुड़ौती दे सकता है.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options