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स्तोत्र ४९:१-४

बुद्धि सुनने का सार्वभौमिक आह्वान

स्तोत्र ४९:१-४
संगीत निर्देशक के लिये. कोराह के पुत्रों की रचना. एक स्तोत्र. विभिन्‍न देशों के निवासियो, यह सुनो; धरती के वासियो, यह सुनो,
सुनो अरे उच्च और निम्न, सुनो अरे दीन जनो और अमीरो,
मैं बुद्धिमानी की बातें करने पर हूं; तथा मेरे हृदय का चिंतन समझ से परिपूर्ण होगा.
मैं नीतिवचन पर ध्यान दूंगा; मैं किन्‍नोर की संगत पर पहेली स्पष्ट करूंगा:
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