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स्तोत्र ४८:१२-१४

पवित्र नगर का निरीक्षण करने का आह्वान

स्तोत्र ४८:१२-१४
१२
ज़ियोन की परिक्रमा करते हुए, उसके स्तंभों की गणना करो.
१३
उसकी शहरपनाह पर दृष्टि लगाओ, उसके महलों का भ्रमण करो, कि तत्पश्चात तुम अगली पीढ़ी को इनके विषय में बता सको.
१४
यही हैं वह परमेश्वर, जो युगानुयुग के लिए हमारे परमेश्वर हैं; वही अंत तक हमारी अगुवाई करते रहेंगे.
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