Skip to content
स्तोत्र ४१:३-४

स्तोत्र ४१:३-४

रोगशय्या पर याहवेह उसे संभालते रहेंगे, और उसे पुनःस्वस्थ करेंगे.
मैंने पुकारा, “याहवेह, मुझ पर कृपा कीजिए; यद्यपि मैंने आपके विरुद्ध पाप किया है, फिर भी मुझे रोगमुक्त कीजिए.”
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options