Skip to content
स्तोत्र १६:८-९

स्तोत्र १६:८-९

८
मैंने सदैव ही याहवेह की उपस्थिति का बोध अपने सामने बनाए रखा है. जब वह नित मेरे दायें पक्ष में रहते हैं, तो भला मैं कैसे लड़खड़ा सकता हूं.
९
इसलिये मेरा हृदय आनंदित और मेरी जीभ मगन हुई; मेरा शरीर भी सुरक्षा में विश्राम करेगा,
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options