Skip to content
स्तोत्र १३७:५-६

सिय्योन के प्रति अटूट निष्ठा की शपथ

स्तोत्र १३७:५-६
येरूशलेम, यदि मैं तुम्हें भूल जाऊं, तो मेरे दायें हाथ का कौशल जाता रहेगा.
यदि मैं तुम्हारा स्मरण न करूं, यदि मैं येरूशलेम को अपना सर्वोच्च आनंद न मानूं, मेरी जीभ तालू से जा चिपके.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options