२३
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, सनातन है उनकी करुणा.
२४
और हमें हमारे शत्रुओं से मुक्त किया, सनातन है उनकी करुणा.
२५
जो सब प्राणियों के आहार का प्रबंध करते हैं, सनातन है उनकी करुणा.
२६
स्वर्गिक परमेश्वर के प्रति आभार अभिव्यक्त करो, सनातन है उनकी करुणा.