Skip to content
स्तोत्र १३६:२३-२५

स्तोत्र १३६:२३-२५

२३
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, सनातन है उनकी करुणा.
२४
और हमें हमारे शत्रुओं से मुक्त किया, सनातन है उनकी करुणा.
२५
जो सब प्राणियों के आहार का प्रबंध करते हैं, सनातन है उनकी करुणा.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options