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स्तोत्र १२८:१-४

स्तोत्र १२८:१-४

आराधना के लिए यात्रियों का गीत. वे सभी धन्य हैं, जिनमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पायी जाती है, जो उनकी नीतियों का आचरण करते हैं.
जिसके लिए तुम अपने हाथों से श्रम करते रहे हो, तुम्हें उसका प्रतिफल प्राप्‍त होगा; तुम धन्य होगे और कल्याण होगा तुम्हारा.
तुम्हारे परिवार में तुम्हारी पत्नी फलदायी दाखलता समान होगी; तुम्हारी मेज़ के चारों ओर तुम्हारी संतान जैतून के अंकुर समान होगी.
धन्य होता है वह जिसमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पाई जाती है.
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