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स्तोत्र १२८:३-४

घर और परिवार में समृद्धि

स्तोत्र १२८:३-४
३
तुम्हारे परिवार में तुम्हारी पत्नी फलदायी दाखलता समान होगी; तुम्हारी मेज़ के चारों ओर तुम्हारी संतान जैतून के अंकुर समान होगी.
४
धन्य होता है वह जिसमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पाई जाती है.
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