Skip to content
स्तोत्र ११९:१-३

स्तोत्र ११९:१-३

कैसे धन्य हैं वे, जिनका आचार-व्यवहार निर्दोष है, जिनका आचरण याहवेह की शिक्षाओं के अनुरूप है.
कैसे धन्य हैं वे, जो उनके अधिनियमों का पालन करते हैं तथा जो पूर्ण मन से उनके खोजी हैं.
वे याहवेह के मार्गों में चलते हैं, और उनसे कोई अन्याय नहीं होता.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options