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स्तोत्र ११९:१-३

स्तोत्र ११९:१-३

१
कैसे धन्य हैं वे, जिनका आचार-व्यवहार निर्दोष है, जिनका आचरण याहवेह की शिक्षाओं के अनुरूप है.
२
कैसे धन्य हैं वे, जो उनके अधिनियमों का पालन करते हैं तथा जो पूर्ण मन से उनके खोजी हैं.
३
वे याहवेह के मार्गों में चलते हैं, और उनसे कोई अन्याय नहीं होता.
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