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स्तोत्र ११८:२५-२६

स्तोत्र ११८:२५-२६

२५
याहवेह, हमारी रक्षा कीजिए! याहवेह, हमें समृद्धि दीजिए!
२६
स्तुत्य हैं वह, जो याहवेह के नाम में आ रहे हैं. हम याहवेह के आवास से आपका अभिनंदन करते हैं.
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