Skip to content
स्तोत्र ११८:१९-२०

स्तोत्र ११८:१९-२०

१९
मेरे लिए धार्मिकता के द्वार खोल दिए जाएं; कि मैं उनमें से प्रवेश करके याहवेह को आभार भेंट अर्पित कर सकूं.
२०
यह याहवेह का प्रवेश द्वार है, जिसमें से धर्मी ही प्रवेश करेंगे.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options