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स्तोत्र ११८:१-६

स्तोत्र ११८:१-६

१
याहवेह का धन्यवाद करो, क्योंकि वे भले हैं, सनातन है उनकी करुणा.
२
इस्राएल यह नारा लगाए: “सनातन है उनकी करुणा.”
३
अहरोन के परिवार का यह नारा हो: “सनातन है उनकी करुणा”
४
याहवेह के समस्त श्रद्धालुओं का यह नारा हो: “सनातन है उनकी करुणा.”
५
अपने संकट की स्थिति में मैंने याहवेह को पुकारा; और प्रत्युत्तर में वे मुझे एक विशाल स्थान पर ले आये.
६
मुझे कोई भय न होगा, क्योंकि याहवेह मेरे साथ हैं. मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?
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