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स्तोत्र ११६:१०-११

क्लेश में परखी हुई आस्था

स्तोत्र ११६:१०-११
१०
उस स्थिति में भी, जब मैं यह कह रहा था, “असह्य है मेरी पीड़ा” विश्वास मुझमें बना था;
११
अपनी खलबली में मैंने यह कह दिया था, “सभी मनुष्य झूठ बोलनेवाले हैं.”
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