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स्तोत्र १०७:५-६

स्तोत्र १०७:५-६

५
वे भूखे और प्यासे थे, वे दुर्बल होते जा रहे थे.
६
अपनी विपत्ति की स्थिति में उन्होंने याहवेह को पुकारा, याहवेह ने उन्हें उनकी दुर्दशा से छुड़ा लिया.
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