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स्तोत्र १०७:१-३

स्तोत्र १०७:१-३

याहवेह का धन्यवाद करो, वे भले हैं; उनकी करुणा सदा की है.
यह नारा उन सबका हो, जो याहवेह द्वारा उद्धारित हैं, जिन्हें उन्होंने विरोधियों से मुक्त किया है,
जिन्हें उन्होंने पूर्व और पश्चिम से, उत्तर और दक्षिण से, विभिन्‍न देशों से एकत्र कर एकजुट किया है.
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