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स्तोत्र १०३:१-२

स्तोत्र १०३:१-२

१
दावीद की रचना मेरे प्राण, याहवेह का स्तवन करो; मेरी संपूर्ण आत्मा उनके पवित्र नाम का स्तवन करे.
२
मेरे प्राण, याहवेह का स्तवन करो, उनके किसी भी उपकार को न भूलो.
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