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फ़िलिप्पॉय १:२०-२१

फ़िलिप्पॉय १:२०-२१

२०
मेरी हार्दिक इच्छा और आशा यह है कि मैं किसी भी परिस्थिति में लज्जित न होऊं, परंतु हमेशा की तरह अब भी निडरता में मेरे शरीर से, चाहे जीवित अवस्था में या मृत अवस्था में, मसीह की महिमा होती रहें.
२१
इसलिये कि मेरे लिए जीवित रहना मसीह है और मृत्यु लाभ है.
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