गणना ७:६७-८९
६७
उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा और दोनों ही में बेहतरीन आटे में जैतून का तेल मिला हुआ;
६८
दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;
६९
होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;
७०
पापबलि के लिए एक बकरा;
७१
मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह अम्मीशद्दाय के पुत्र अहीएज़र द्वारा चढ़ाई गई थी.
७२
ग्यारहवें दिन ओखरन का पुत्र पागिएल ने जो आशेर के गोत्र का प्रधान था अपनी भेंट चढ़ाई.
७३
उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा और दोनों ही में बेहतरीन आटे में ज़ैतून का तेल मिला हुआ;
७४
दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;
७५
होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;
७६
पापबलि के लिए एक बकरा;
७७
मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह ओखरन के पुत्र पागिएल द्वारा चढ़ाई गई थी.
७८
बारहवें दिन, नफताली गोत्र से एनन का पुत्र अहीरा जो प्रधान था,
७९
उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा तथा सत्तर शेकेल चांदी की कटोरी में तेल मिला हुआ मैदा;
८०
दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;
८१
होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;
८२
पापबलि के लिए एक बकरा;
८३
मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह एनन के पुत्र अहीरा द्वारा चढ़ाई गई थी.
८४
इस्राएल के प्रधानों द्वारा वेदी का अभिषेक किए जाने के समय चढ़ाई गई संस्कार भेंट यह थी: बारह चांदी की परात, बारह चांदी की कटोरियां, बारह सोने के धूपदान;
८५
हर एक चांदी की परात पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल, हर एक चांदी की कटोरी सत्तर शेकेल! तब पवित्र स्थान की तौल के अनुसार सारे बर्तन कुल 2,400 शेकेल हुए.
८६
सुगंधित धूप के साथ बारह सोने के हर एक धूपदान, पवित्र स्थान की नाप के अनुसार दस शेकेल; तब कुल एक सौ बीस शेकेल.
८७
होमबलि के लिए कुल बारह बछड़े, बारह मेढ़े, अन्नबलि के लिए बारह एक वर्ष के नर मेमने तथा पापबलि के लिए बारह बकरे.
८८
मेल बलि के लिए कुल चौबीस बछड़े, कुल साठ मेढ़े, कुल साठ बकरे तथा एक वर्ष के साठ नर मेमने. यह अभिषेक के बाद वेदी के लिए चढ़ाई गई भेंट थी.
८९
जब मोशेह मिलनवाले तंबू में याहवेह से बातचीत करने गए, तब उन्होंने वाचा के संदूक के ऊपर करुणासन से, दोनों करूबों के बीच से, एक आवाज सुनी, जो उन्हें संबोधित कर रही थी; इस प्रकार याहवेह ने उनसे यह बातें की थी.
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