१
“स्वर्ग-राज्य उस द्वारचार के समान है जिसमें दस कुंवारी युवतियां अपने-अपने दीप लेकर द्वारचार के लिए निकलीं.
२
उनमें से पांच तो मूर्ख थी तथा पांच समझदार.
३
मूर्ख युवतियों ने अपने साथ अपने दीप तो लिए किंतु तेल नहीं;
४
परंतु समझदार युवतियों ने अपने दीपों के साथ तेल के बर्तन भी रख लिए.