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मत्तियाह १०:३४-३६

मत्तियाह १०:३४-३६

३४
“यह न समझो कि मैं पृथ्वी पर मेल-मिलाप के लिए आया हूं. मैं मेल-मिलाप के लिए नहीं, बंटवारे के लिए आया हूं.
३५
मैं आया हूं कि “ ‘पुत्र को उसके पिता के विरुद्ध, पुत्री को उसकी माता के विरुद्ध तथा बहू को उसकी सास के विरुद्ध उकसाऊं.
३६
मनुष्य के शत्रु उसके परिवार के सदस्य ही होंगे.’
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