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यहूदाह १:१-८

यहूदाह १:१-८

१
मसीह येशु के दास और याकोब के भाई यहूदाह की ओर से, तुम सबको, जो परमेश्वर पिता के द्वारा बुलाए गए हैं और प्रेम पात्र हो और मसीह येशु के लिए सुरक्षित रखे गए हो:
२
कृपा, शांति और प्रेम बहुतायत में प्राप्‍त हो!
३
प्रियों, हालांकि मैं बहुत ही उत्सुक था कि तुमसे हम सभी को मिले समान उद्धार का वर्णन करूं किंतु अब मुझे यह ज़रूरी लग रहा है कि मैं तुम्हें उस विश्वास की रक्षा के प्रयास के लिए प्रेरित करूं, जो पवित्र लोगों को सदा के लिए एक ही बार में सौंप दिया गया है.
४
तुम्हारे बीच कुछ ऐसे व्यक्ति चुपचाप घुस आए हैं, जिनके लिए यह दंड बहुत पहले ही तय कर दिया गया था. ये वे भक्तिहीन हैं, जो हमारे एकमात्र स्वामी व प्रभु येशु मसीह को अस्वीकार करते हुए परमेश्वर के अनुग्रह को बिगाड़कर कामुकता में बदल देते हैं.
५
हालांकि तुम इस सच्चाई से पहले से ही परिचित हो, तो भी मैं तुम्हें यह याद दिलाना चाहता हूं कि प्रभु ने अपनी प्रजा को मिस्र देश से छुड़ाने के बाद अंततः उन्हीं में से उन लोगों का विनाश कर दिया, जो विश्वास से दूर हो गए थे.
६
जिस प्रकार परमेश्वर ने उन स्वर्गदूतों को भीषण न्याय के दिन तक के लिए सदाकाल के लिए जंजीरों से बंधे, अंधकार में रख छोड़ा है, जिन्होंने अपने आचार नियमों का उल्लंघन करके अपने राजपद तथा घर को त्याग दिया,
७
उसी प्रकार सोदोम और गोमोरा और आस-पास के नगरों को, जो इनके समान व्यभिचारी हो गये और अप्राकृतिक वासना का अनुसरण करने लगे और अग्नि के दंड के भोगी होकर अन्यों के लिये उदाहरण ठहरें.
८
फिर भी ये स्वप्नदर्शी, शरीर को उसी प्रकार अशुद्ध करते हैं, प्रभुत्व को अस्वीकार करते हैं और स्वर्गीय प्राणियों की निंदा करते हैं.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.

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