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योहन ५:२६-२७

योहन ५:२६-२७

२६
जिस प्रकार पिता अपने आप में जीवन रखता है, उसी प्रकार पुत्र में बसा हुआ जीवन पिता के द्वारा दिया गया जीवन है.
२७
मनुष्य का पुत्र होने के कारण उसे न्याय करने का अधिकार भी दिया गया है.
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