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अय्योब ६:१-३

अय्योब ६:१-३

१
यह सुन अय्योब ने यह कहा:
२
“कैसा होता यदि मेरी पीड़ा मापी जा सकती, इसे तराजू में रखा जाता!
३
तब तो इसका माप सागर तट की बालू से अधिक होता. इसलिये मेरे शब्द मूर्खता भरे लगते हैं.
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