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यशायाह ४०:२९-३१

प्रतीक्षा करनेवालों के लिए सामर्थ्य

यशायाह ४०:२९-३१
२९
वह थके हुओं को बल देता है, शक्तिहीनों को सामर्थ्य देता है.
३०
यह संभव है कि जवान तो थकते, और मूर्छित हो जाते हैं और लड़खड़ा जाते हैं;
३१
परंतु जो याहवेह पर भरोसा रखते हैं वे नया बल पाते जाएंगे. वे उकाबों की नाई उड़ेंगे; वे दौड़ेंगे, किंतु श्रमित न होंगे, चलेंगे, किंतु थकित न होंगे.
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