६
उनके ह्रदय एक चूल्हे के समान हैं; वे उसके पास षड़्यंत्र रचकर जाते हैं. उनकी लालसा रात भर सुलगती रहती है; और सुबह यह आग की ज्वाला की तरह भभक उठती है.
७
वे सबके सब चूल्हे के समान गर्म हैं; वे अपने शासकों को भस्म कर देते हैं. उनके सब राजा मारे जाते हैं, पर उनमें से कोई भी मुझे नहीं पुकारता.