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होशेआ ६:४-६

परमेश्वर क्षणिक भक्ति पर विलाप करता है

होशेआ ६:४-६
४
“हे एफ्राईम, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? हे यहूदाह, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? तुम्हारा प्रेम सुबह के कोहरे के समान, बड़े सबेरे पड़नेवाले ओस के समान है, जो गायब हो जाती है.
५
इसलिये मैंने तुम्हें अपने भविष्यवक्ताओं के द्वारा काटकर टुकड़े-टुकड़े कर डाला, मैंने अपने मुंह के वचन से मार डाला है— तब मेरा न्याय सूर्य के समान आगे बढ़ता है.
६
क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, पर दया से, और होमबलि की अपेक्षा से नहीं, परमेश्वर को मानने से प्रसन्‍न होता हूं.
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