Skip to content
होशेआ १३:१५-१६

सामरिया का अन्तिम विनाश

होशेआ १३:१५-१६
१५
यद्यपि वह अपने भाइयों के बीच उन्‍नति करे. एक पूर्वी हवा याहवेह की ओर से मरुस्थल से बहेगी; उसके सोतों से पानी का फूटना बंद हो जाएगा और उसका कुंआ सूख जाएगा. उसके गोदाम में रखी सब बहुमूल्य चीज़ें लूट ली जाएंगी.
१६
अवश्य है कि शमरिया के लोग अपने अपराध का दंड भोगें, क्योंकि उन्होंने अपने परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह किया है. वे तलवार से मारे जाएंगे; उनके छोटे बच्चों को भूमि पर पटक दिया जाएगा, और उनकी गर्भवती स्त्रियों के पेट फाड़ दिए जाएंगे.”
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options