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होशेआ १०:१२-१३

होशेआ १०:१२-१३

१२
अपने लिए धर्मीपन का बीज बोओ, निश्छल प्रेम की फसल काटो, और न जूते हुए भूमि की मिट्टी को तोड़ो; क्योंकि यह समय है कि याहवेह की खोज करो, जब तक कि वह आकर तुम पर धर्मीपन की वर्षा न करें.
१३
पर तुमने दुष्टता का रोपण किया है, और बुराई का फसल काटा है, तुमने छल-प्रपंच का फल खाया है. क्योंकि तुम अपने स्वयं के बल और अपने योद्धाओं की बड़ी संख्या पर निर्भर रहे हो,
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