निर्गमन २५:१०-१४
१०
“उन्हीं बबूल की लकड़ी से एक संदूक बनाना, जिसकी लंबाई एक सौ दस सेंटीमीटर तथा चौड़ाई और ऊंचाई सत्तर-सत्तर सेंटीमीटर हों.
११
और संदूक के अंदर और बाहर सोना लगाना. और संदूक के ऊपर चारों तरफ सोने की किनारी लगाना.
१२
इसके चारों पायों पर लगाने के लिए सोने के चार कड़े बनाना; सोने के कड़ों को चारों कोनों पर लगाना—दो कड़े एक तरफ और, दो कड़े दूसरी तरफ हों.
१३
फिर बबूल की लकड़ी से डंडे बनवाना, उस पर भी सोना लगाना.
१४
डंडों को दोनों तरफ के कड़ों में डालना ताकि संदूक को उठाना आसान हो.
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