Skip to content
उद्बोधक ६:१०-११

उद्बोधक ६:१०-११

१०
जो हो चुका है उसका नाम भी रखा जा चुका है, और यह भी मालूम हो चुका है कि मनुष्य क्या है? मनुष्य उस व्यक्ति पर हावी नहीं हो सकता जो उससे बलवान है.
११
शब्द जितना अधिक है, अर्थ उतना कम होता है. इससे मनुष्य को क्या फायदा?
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options