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उद्बोधक ११:७-८

जीवन के सरल सुखों का आनन्द

उद्बोधक ११:७-८
७
उजाला मनभावन होता है, और आंखों के लिए सूरज सुखदायी.
८
अगर किसी व्यक्ति की उम्र बड़ी है, तो उसे अपने जीवनकाल में आनंदित रहने दो. किंतु वह अपने अंधकार भरे दिन भुला न दे क्योंकि वे बहुत होंगे. ज़रूरी है कि हर एक चीज़ बेकार ही होगी.
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